MS Dhoni Birthday : भारतीय क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी ( Mahendra Singh Dhoni ) को सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है। उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े खिताब जीते। हालांकि, उनके शानदार करियर के साथ एक विवाद भी हमेशा जुड़ा रहा। कई क्रिकेट प्रेमियों और कुछ पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि धोनी के दौर में कुछ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लगातार मौके नहीं मिले। हालांकि, यह एक बहस का विषय है और इसका पूरा जिम्मेदार केवल धोनी को नहीं ठहराया जा सकता।
MS Dhoni Birthday : रिकॉर्ड से नहीं, इन 7 बातों से महान बने महेंद्र सिंह धोनी
1. रॉबिन उथप्पा( Manoj Tiwary
मनोज तिवारी ने कई मौकों पर कहा कि उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद टीम में लगातार अवसर नहीं मिले। उन्होंने एक शतक भी लगाया, लेकिन इसके बाद भी उन्हें लंबे समय तक बाहर बैठना पड़ा। बाद में उन्होंने चयन प्रक्रिया और टीम प्रबंधन पर सवाल उठाए, जिससे यह विवाद चर्चा में रहा।
2. रॉबिन उथप्पा (Robin Uthappa )
रॉबिन उथप्पा 2007 टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। शानदार शुरुआत के बावजूद वह टीम इंडिया में अपनी जगह लंबे समय तक पक्की नहीं कर सके। कई प्रशंसकों का मानना है कि उन्हें लगातार मौके मिलते तो उनका करियर और बड़ा हो सकता था।
3. नमन ओझा (Naman Ojha)
नमन ओझा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत कम मौके मिले। उस समय विकेटकीपर के रूप में धोनी की जगह लगभग अटूट थी, जिसके कारण ओझा जैसे खिलाड़ियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
4. दिनेश कार्तिक ( Dinesh Karthik )
धोनी के आने के बाद लंबे समय तक नियमित विकेटकीपर-बल्लेबाज की जगह नहीं बना पाए। हालांकि बाद में उन्होंने शानदार वापसी की।
5.पार्थिव पटेल ( Parthiv Patel) –
शुरुआती दौर में भारत के प्रमुख विकेटकीपर थे, लेकिन धोनी के उभरने के बाद सीमित अवसर मिले।
क्या सच में धोनी जिम्मेदार थे?
यह कहना उचित नहीं होगा कि इन खिलाड़ियों का करियर केवल धोनी की वजह से प्रभावित हुआ। टीम चयन का अंतिम फैसला चयन समिति, टीम संयोजन, खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन जैसे कई पहलुओं पर निर्भर करता है। कप्तान की राय महत्वपूर्ण होती है, लेकिन वही अकेला निर्णयकर्ता नहीं होता।