IND vs ENG 2nd ODI : भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे में 6 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। जवाब में भारत ने 45.2 ओवर में 262/4 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत में अक्षर पटेल (57 रन और 4 विकेट) ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता, जबकि शुभमन गिल (80 रन) और वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 52 रन) ने लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया। हालांकि जीत के बावजूद दूसरे वनडे से पहले टीम मैनेजमेंट के सामने प्लेइंग इलेवन को लेकर कुछ अहम सवाल खड़े हो गए हैं।
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क्या जीत के बावजूद होगा बदलाव?
आमतौर पर जीत के बाद टीम संयोजन में बदलाव नहीं किया जाता, लेकिन भारतीय टीम सिर्फ मौजूदा सीरीज नहीं बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को भी ध्यान में रखकर फैसले लेती है। ऐसे में यदि किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा या टीम को किसी विशेष संयोजन की जरूरत महसूस हुई, तो बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अक्षर और सुंदर ने बढ़ाई चयनकर्ताओं की मुश्किल
पहले वनडे में अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख बदल दिया। वहीं वॉशिंगटन सुंदर ने दबाव के समय नाबाद अर्धशतक लगाकर अपनी उपयोगिता साबित की। दोनों ऑलराउंडरों के शानदार प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट के लिए सुखद सिरदर्द पैदा कर दिया है। अब सवाल यह है कि क्या अगले मुकाबले में भी यही संयोजन बरकरार रहेगा या किसी अन्य खिलाड़ी को मौका मिलेगा।
क्या मध्यक्रम में किसी बदलाव की जरूरत है?
भारत ने लक्ष्य हासिल कर लिया, लेकिन मध्यक्रम के कुछ बल्लेबाजों को खुद को साबित करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। यदि टीम प्रबंधन भविष्य के विकल्पों को परखना चाहता है, तो बल्लेबाजी क्रम में छोटे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यह फैसला केवल इस सीरीज के लिए नहीं बल्कि भारत की लंबी ODI रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
गेंदबाजी में वर्कलोड मैनेजमेंट भी बनेगा मुद्दा
तीन मैचों की सीरीज में लगातार क्रिकेट खेलने के कारण तेज गेंदबाजों के कार्यभार पर भी नजर रहेगी। यदि टीम किसी प्रमुख गेंदबाज को आराम देकर बेंच स्ट्रेंथ आजमाने का फैसला करती है, तो यह रणनीतिक बदलाव होगा, न कि प्रदर्शन पर सवाल।
दूसरे वनडे में नजरें सिर्फ जीत पर नहीं, चयन पर भी होंगी
भारत फिलहाल सीरीज में आगे है, लेकिन दूसरा वनडे सिर्फ एक और जीत का मौका नहीं होगा। यह मुकाबला यह भी तय करेगा कि टीम मैनेजमेंट किन खिलाड़ियों पर सबसे ज्यादा भरोसा जता रहा है। यदि भारत विजयी संयोजन के साथ उतरता है तो यह स्थिरता का संकेत होगा, जबकि किसी बदलाव का मतलब होगा कि टीम भविष्य की तैयारियों को भी समान महत्व दे रही है। ऐसे में दूसरे वनडे से पहले सबसे बड़ी चर्चा स्कोरबोर्ड नहीं, बल्कि टीम इंडिया की अंतिम प्लेइंग इलेवन रहने वाली है