IND vs ENG 1st ODI : पहले वनडे में इंग्लैंड ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की शुरुआत की, उसे देखकर लग रहा था कि भारत के लिए मुकाबला मुश्किल होने वाला है। ओपनरों ने पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़ दिए और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। लेकिन इसके बाद मैच ने ऐसा मोड़ लिया कि इंग्लैंड पूरी तरह बैकफुट पर चला गया। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट चटकाते हुए इंग्लैंड को 47.5 ओवर में 258 रन पर समेट दिया। जवाब में भारत ने 45.2 ओवर में 262/4 रन बनाकर मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
शानदार शुरुआत को बड़ी साझेदारी में नहीं बदल सकी इंग्लैंड
इंग्लैंड के ओपनरों ने शुरुआत में भारतीय तेज गेंदबाजों पर दबाव बनाया, लेकिन पहला विकेट गिरते ही पूरी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। शुरुआती बढ़त को बड़ी साझेदारी में बदलने की बजाय बल्लेबाज जल्दबाजी में शॉट खेलते रहे। हालांकि जो रूट ने नाबाद 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। यही वजह रही कि 61/0 जैसी मजबूत शुरुआत के बावजूद टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
अक्षर पटेल ने बदल दिया मैच का पूरा समीकरण
मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल का प्रदर्शन रहा। उन्होंने गेंद से 4 विकेट झटककर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए 57 रन की महत्वपूर्ण पारी भी खेली। गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अक्षर की इस ऑलराउंड भूमिका ने भारत को मैच में पूरी तरह आगे कर दिया।
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गिल और सुंदर ने खत्म किया इंग्लैंड का सपना
259 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शुभमन गिल ने 80 रन की संयमित पारी खेलकर भारत को मजबूत शुरुआत दी। जब मैच थोड़ा संतुलित नजर आ रहा था, तब वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रन बनाकर भारत को बिना किसी घबराहट के जीत तक पहुंचाया। दोनों बल्लेबाजों ने दिखाया कि भारतीय टीम अब सिर्फ बड़े नामों पर निर्भर नहीं है।
भारत की फील्डिंग और अनुशासित गेंदबाजी बनी जीत का आधार
भारतीय टीम ने सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि फील्डिंग में भी शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने अतिरिक्त रन बचाए, कैच नहीं छोड़े और इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बीच के ओवरों में भारत ने रन गति पर लगाम लगाकर इंग्लैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया। यही अनुशासन आखिरकार जीत की सबसे बड़ी वजह बना।
दूसरे वनडे से पहले इंग्लैंड के सामने बड़ी चुनौती
पहले वनडे ने साफ कर दिया कि सिर्फ तेज शुरुआत से मैच नहीं जीते जाते। इंग्लैंड को दूसरे मुकाबले में अपने मध्यक्रम को अधिक जिम्मेदारी के साथ खेलना होगा और गेंदबाजों को भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाना होगा। वहीं भारत चाहेगा कि पहले मैच जैसी लय बरकरार रखते हुए दूसरा वनडे जीतकर सीरीज पर लगभग कब्जा जमा ले।