Mirabai Chanu biography in hindi | भारतीय मीराबाई चानू की जीवनी 2021 | मीराबाई चानू के बारे में 5 रोचक तथ्य

साइखोम मीराबाई चानू ( Saikhom Mirabai Chanu ) भारतीय भारोत्तोलक हैं जो की मणिपुर इम्फाल में पली बढ़ी हैं। मीराबाई चानू ने भारत को काई मेडल दिलाए हैं जिसमे गोल्ड और रजत पदक शामिल हैं। 2020 के टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई ने रजत पदक जीतकर भारत को पहली पदक दिलायी है। मीराबाई चानू को भारतीय सरकार से भी काई पुरस्कार मिले हैं। अतः उनके प्रदर्शन को देखते हुए भारत को उनसे बहुत उम्मीदें हैं। तो आइए मीराबाई चानू के जीवन के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं मीराबाई चानू कौन हैं।

मीराबाई चानू का प्रारंभिक जीवन

मीराबाई चानू का पूरा नाम साइखोम मीराबाई चानू (Saikhom Mirabai Chanu) है |मीराबाई चानू का जन्म मणिपुर के इंफाल के एक गांव नोंगपोक काकचिंग में हुआ है। उनकी जन्म तिथि 8 अगस्त 1994 है| मीराबाई चानू एक मध्यम वर्गीय परिवार से आती हैं, जिनकी खेलों में कोई पृष्ठभूमि नहीं है। उनके पिता पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार हैं और मां गृहिणी हैं जिनकी छोटी सी दुकान है। मीराबाई चानू की मां  साइखोम ओंगबी तोम्बी लीमा और पिता साइखोम कृति मैतेई हैं | वह छह भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं |

मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) शुरू में तीरंदाजी करना चाहती थीं |12 साल की उम्र में वो स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया सेंटर इंफाल,  खुमान लम्पक स्टेडियम में तीरंदाजी में एडमिशन के लिए भी गयी, लेकिन नामांकन बंद होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा | मीराबाई ने कुंजारानी देवी को देखकर भारोत्तोलन शुरू किया। उन्होंने कुंजारानी देवी का कुछ क्लिप देखा और फिर से स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया सेंटर पे फिर से गयी लेकिन इस बार भारत्तोलन के लिए | और उस समय से ही भारोत्तोलन में करियर बनाने का अडिग  निर्णय लिया।

12 साल की उम्र में वह जलाऊ लकड़ी के बहुत भारी बंडल ले जाती थी जो इतने भारी थे, कि बड़े भाई उसे उठा नहीं पाते थे। जलाऊ लकड़ी के भारी बंडल ने उसकी महत्वाकांक्षाओं के लिए ईंधन प्रदान किया था | वह शायद और भी प्रेरणा का श्रोत बना और मीराबाई को भारोत्तोलन में गहरी रूचि जगी |

Mirabai Chanu at Tokyo Olympic
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मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) का अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन

मीराबाई चानू को पहली सफलता और अंतरराष्ट्रीय करियर कॉमनवेल्थ गेम ग्लासगो 2014 में शुरू हुआ। उन्होंने 48 किग्रा वर्ग में कॉमनवेल्थ गेम, ग्लासगो में रजत पदक जीता।

चानू ने 2016 रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया लेकिन वह इस इवेंट को खत्म नहीं कर पाई। वह अपने तीनों प्रयासों में सफल लिफ्ट प्राप्त करने में असमर्थ रही। वह डीएनएफ (did not finish) के साथ लौटी।

उसने 2017 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और उसके बाद राष्ट्रमंडल खेल, 2018 में स्वर्ण पदक जीता।

वह टोक्यो ओलंपिक 2020, में भारत को पदक दिलाने वाली पहली भारतीय एथलीट हैं | उन्होंने भारोत्तोलन में 48 किग्रा वर्ग में पहले दिन ही रजत पदक जीता। उन्होंने रजत पदक जीतने के लिए 202 kg का वजन उठाया | वही चीन की होउ जीहुई ने 210 किलोग्राम का वजन उठा कर स्वर्ण पदक जीता और मीराबाई (mirabai chanu) को सिर्फ रजत पदक से संतोष करना पड़ा | मीराबाई चानू सिर्फ 9 किलोग्राम से स्वर्ण पदक से चूक गयीं | हालाँकि वो टोक्यो ओलिंपिक में भारत के लिए पदक लाने वाली पहली और भारत्तोलन में भारत के लिए पदक जीतने वाली दूसरी एथलिट बनी |

मीराबाई चानू को मिले पदक

चानू(Mirabai Chanu) को मिले पदक निचे निचे डिटेल में दिए गए हैं |

2014राष्ट्रमंडल खेल, Glasgow, ScotlandSilver
2017विश्व चैम्पियनशिप (World Championship), USGold
2018राष्ट्रमंडल खेल, Australia (Gold Cost)Gold
2020राष्ट्रिय चैम्पियनशिप, KolkataGold
2020एशियाई चैम्पियनशिप, TashkentBronze
2020 (Held in 2021)ओलंपिक, TokyoSilver

मीराबाई चानू को मिले पुरष्कार

मीराबाई चानू को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार (National Award)

  • मीराबाई चानू ने 2018 में राजीव गांधी खेल रत्न जीता। यह भारत में सर्वोच्च खेल सम्मान है। यह पुरस्कार उन्हें भारत में खेलों में उनके विशिष्ट योगदान के कारण दिया गया था।
  • 2018 में ही, मीराबाई चानू ने पद्म श्री भी जीता, जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) के अन्य पुरस्कार

  • विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने के लिए 2017 में मणिपुर सरकार द्वारा 20 लाख रुपये दिए गए थे।
  • टोक्यो ओलंपिक में पदक के लिए, भारत सरकार से 50 लाख रुपये और मणिपुर सरकार से 1 करोड़ प्राप्त होने की उम्मीद है। उन्हें और भी पुरस्कार मिलने की खबर है लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हो सकी है|
  • रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 26 जुलाई, सोमवार को भारोत्तोलक मीराबाई चानू को सम्मानित किया और 2 करोड़ रुपये का इनाम तथा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में नौकरी में पदोन्नति की घोषणा की।
  • मीराबाई चानू( Mirabai Chanu) का जीवन एक प्रेरणा से कम नहीं है. रिओ ओलिंपिक में उतनी बुरी असफलता के बाद कैसे उन्होंने फिर से वापसी की और देश का नाम ऊँचा किया, ये सीखने योग्य है |

मीराबाई चानू के बारे में 5 रोचक तथ्य

  1. मीराबाई चानू (Mirabai chanu) पहले भारत्तोलन नहीं तीरन्दाजी करना चाहती थीं |
  2. मीराबाई चानू सिर्फ दूसरी भारतीय भारतोलक हैं जिसने ओलिंपिक में मेडल जीता है |
  3. मीराबाई चानू ने रिओ ओलिंपिक में भाग तो लिया था लेकिन उसे फिनिश नहीं कर पाई उन्हें ऐसे ही वापस लौटना पड़ा |
  4. 2018 में ही  सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार और चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया |

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